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Wednesday, February 8, 2023
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12,000 कर्मचारियों की हो सकती है फेसबुक में छंटनी, करना पड़ सकता है अंडरपरफॉर्मिंग वर्कफोर्स को यह काम

विज्ञापन खर्च में गिरावट विश्व की बड़ी टेक फर्मों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर रहा है। यही कारण है कि मेटा प्लेटफॉर्म फेसबुक पर बेहद गुपचुप तरीके से छंटनी कर रहा है ताकि अपने हेड काउंट को कम कर सके। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों और सीईओ मार्क जुकरबर्ग के बीच हाल ही में साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी सत्र से पहले, अधिकारियों ने कंपनी के निदेशकों से कहा कि उन्हें ‘नीड ऑफ सपोर्ट’ के रूप में लेबल करने के लिए अपनी कम से कम 15% टीमों का चयन करना चाहिए। प्रश्न-उत्तर सेशन के दौरान मार्क जुकरबर्ग ने अपने कर्मचारियों से कहा कि उन्हें लगा था कि अब तक हम अधिक व्यवस्थित हो चुके होंगे पर वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा नहीं लगता यही कारण है कि हम अन्य प्लान के विषय में सोच रहे हैं।

संभावित छंटनी का खुलासा पिछले हफ्ते ‘मेटा वर्कर ऑन ब्लाइंड’ द्वारा एक पोस्ट में किया गया था।

उन्होंने कहा कि मेटा ज्यादातर टीमों के बीच कजट को कम करेगा और यह टीम की जिम्मेदारी होगी कि वह टीम में लोगों की संख्या में बदलाव को कैसे मैनेज करते हैं। जून में मेटा ने कहा था कि कंपनी साल के अंत तक इंजीनियर की भर्ती को 30 फीसदी तक कम कर देगा।इस प्रक्रिया के बाद हो सकता है कि 12,000 कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ें।रिपोर्ट के अनुसार, संभावित छंटनी का खुलासा पिछले हफ्ते ‘मेटा वर्कर ऑन ब्लाइंड’ द्वारा एक पोस्ट में किया गया था। लोगों की बर्खास्तगी पर बहस करने वाले व्यक्ति ने कहा कि 15% कर्मचारियों को संभवतः पीआईपी (परफॉर्मेंस इंप्रूवमेंट प्लान) पर रखा जाएगा और फिर निकाल दिया जा सकता है। फेसबुक के कर्मचारी रिव्यू प्रोसेस में उन कर्मचारियों को इन ‘नीड ऑफ सपोर्ट’ की कैटेगरी में रखा गया है जिनकी परफॉर्मेंस बेंचमार्क गोल से कम है।

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लोगों का कहना है कि मेटा गुपचुप तरीके से छंटनी कर रही है

ऐसे कर्मचारियों को परफॉर्मेंस इंप्रूवमेंट प्लान यानी पीआईपी पर रखा जाता है और अक्सर इसके अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की छंटनी नहीं की जाती।जहां कई कर्मचारियों को अंडरपरफॉर्मिंग माना जा रहा है वहीं कई कर्मचारियों को कंपनी में नई पोजीशन ढूंढ़ने के लिए 30 दिनों का समय दिया जा रहा है या कहा जा रहा है कि वे कंपनी छोड़ दें। लोगों का कहना है कि मेटा गुपचुप तरीके से छंटनी कर रही है। पिछले सप्ताह मेटा ने वैश्विक मंदी के भय से हायरिंग फ्रीज कर दी है। मेटा का यह निर्णय एप्पल माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे बड़ी टेक फर्म कंपनियों से प्रेरित है। इन सभी बड़ी टेक कंपनियों ने कॉस्ट मैनेज करने के लिए अपनी हायरिंग फ्रीज कर दी ही और साथ ही कर्मचारियों को पिंक स्लीप देना भी शुरू कर दिया है।

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