अब हींग की खेती से महकेगा भारत, जाने इसकी खेती से जुड़ी जानकारिया

Pragya
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अब हींग की खेती से महकेगा भारत को मसालों के देश के नाम से जाना जाता है। हमारे देश में कई तरह के मसाले तैयार होते है। जैसे कि- हल्दी, धनिया पाउडर, काली मिर्च, जीरा, काला जीरा, अमचूर पाउडर (खटाई), हड़ आदि. देखा जाए तो इन्हीं मसालों की वजह से भारतीय खाने की तारीफ पुरे देश में की जाती है। भारतीय खाने में सबसे ज्यादा हींग का उपयोग किया जाता है। लगभग देश के हर एक घरों की थाली में परोसा जाने वाला खाना। हींग के स्वाद से भरपूर होता है। हींग को हम दूसरे देशों अफगानिस्तान और ईरान से आयात करते है। इसकी खेती भारत में भी बड़े पैमाने पर की जा रही है।

हींग का उत्पादन कैसे किया जाता है

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हींग फेरुला एसाफोइटीडा नाम के पौधे की जड़ से निकाले गए रस से तैयार करना होता है। सबसे पहले फेरुला एसाफोइटीडा की जड़ों से रस निकाल लिया जाता है। इसके बाद पर्याप्‍त मात्रा में रस इकट्ठा होने पर हींग बनाने की प्रक्रिया शुरू को शुरू कर दिया जाता है। इनमें सफेद हींग पानी में आसानी से घुल जाती है। वहीं, लाल या काली हींग तेल में ही घुलती है। कच्चे हींग की गंध और स्‍वाद बहुत तीखी ज्यादा होती है। पौधे की जड़ से निकाले गए रस को खाने लायक गोंद और स्टार्च में मिलाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तैयार किये जाते है।

कितनी मॅहगी होती है हींग

हींग का पौधा गाजर और मूली की श्रेणी में ही आता है। लिहाजा, ठंडे और शुष्क वातावरण में इसकी पैदावार सबसे अच्छी होती है। दुनियाभर में हींग की 130 किस्में पायी जाती है। इनमें से कुछ किस्में पंजाब, कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में उगाई जाती है। तथा फेरुला एसाफोइटीडा किस्‍म भारत में नहीं मिलती है। भारतीय रसोइयों में इसी किस्‍म की हींग का उपयोग किया जाता है। इसीलिए इसका आयात होता है। हींग के हर पौधे से रस मिले ही जाए यह जरुरी नहीं होता है। इसीलिए भारत में अच्‍छी क्‍वालिटी की हींग की कीमत 40 रुपये प्रति किग्रा में होती है।

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हींग को कैसे तैयार करते है

हींग की कीमत इस बात पर भी निर्भर करती है कि इसे किस तरह से तैयार किया जाता है। व्‍यापारियों के मुताबिक, हींग की कीमत उत्‍पादन के समय रस में मिलाई गई सामग्री पर रहती है। हींग को तैयार करने के लिए उसके रस में चावल पाउडर, हींग पाउडर समेत कई चीजें मिलकर उसे तैयार किया जाता है। दक्षिण भारत में हींग को पकाकर पाउडर में इस्तेमाल किया जाता है। फिर इस पाउडर का मसालों में उपयोग करते है। इस तरह से हींग को तैयार करते है।

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