Budget History: आजादी के बाद जब देश संकट में घिरा था तब सरकार को पेश करना पड़ा था ‘ब्लैक बजट’, जानिए इतिहास

By Saurabh

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Budget: एक समय ऐसा भी था जब देश मे मंदी का दौर चल रहा था तब सरकार को घाटे का बजट पेश करना पड़ा था,उस वक्त भारत देश भारी संकट से घिरा हुआ था देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो चुकी थी उस वक्त सरकार ने ब्लैक बजट पेश किया था. अब तक का पहला और एकमात्र ब्लैक बजट था भारत देश का चलिए जानते इसके पीछे की कहानी।

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Budget History: आजादी के बाद जब देश संकट में घिरा था तब सरकार को पेश करना पड़ा था ‘ब्लैक बजट’, जानिए इतिहास हर साल केंद्र सरकार देश मे बजट पेश करती है और अपने हिसाब-किताब का लेखा जोखा देती है बजट के जरिए वो अपने खर्चे-आमदनी का पूरा हिसाब जनता के सामने रखती है. ऐसा कह सकते है की देश का बजट ही आपके घर के बजट को तय करता है. हर साल फाइनेंसियल ईयर से पहले सरकार आम बजट पेश करती है. ये बजट जितना सरकार के लिए जरूरी है, उतना ही आम लोगों के लिए भी जरूरी होता है 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने वाली है हर बार बजट से लोगों की उम्मीदें जुड़ी रहती हैं. जनता हमेसा फायदेमंद घोषणाओं, राहत की घोषणाओं की उम्मीद करते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि हर बार बजट आपको खुश कर जाये हमारे भारत इतिहास मे ऐसा ही एक बजट साल फाइनेंसियल ईयर1973-74 में पेश किया गया था. इस बजट को ब्लैक बजट का नाम दिया गया था.

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ब्लैक बजट क्या होता है

जब एक आदमी अपनी कमाई से ज्यादा खर्च कर ले तो वो घाटे मे चला जाता है ठीक उसी तरह जब सरकार का खर्च उसकी कमाई की तुलना में ज्यादा मे हो जाये तो ऐसा देश की अर्थव्यवस्था घाटे मे चली जाती है और मंदी का दौर आ जाता है ऐसे मे देश की सरकार को स्थिति संभालने के लिए को बजट में कटौती करनी पड़ती है. जिसे ‘ब्लैक बजट’ कहा जाता है यह दौर आजादी के बाद आया था जब देश संकट में पहुंच गया था. देश की आर्थिक हालात इतनी ज्यादा कमजोर हो गई थी कि उस वक्त की सरकार ने 550 करोड़ घाटे का बजट पेश किया था.

ब्लैक बजट पेश करने का कारण

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साल 1973 के दौरान देश की आर्थिक हालात खराब हो गई थी उस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी थी उस समय भारत देश आर्थिक संकट से जूझ रहा था. पाकिस्तान से युद्ध कर बंग्लादेश को अलग करते ही सरकार की आर्थिक सेहत इतनी खराब हो चुकी थी कि देश का जीडीपी आधे फीसदी पर थी, युद्ध के बाद फसलों को भारी नुकसान हुआ जिससे एग्रीकल्चर भी कमजोर पड़ गया था जिस कारन सरकार की कमाई कम हो गयी थी जिस कारण खर्च और आमदनी मे फर्क बढ़ता चला गया हर तरफ से सरकार भारी घाटे में चल रही थी.उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार में वित्त मंत्री यशवंतराव बी चव्हाण ने 550 करोड़ के घाटे का बजट पेश किया था. ये बजट देश का पहला और एकलौता ब्लैक बजट था. उस वक्त खेती बहुत बुरे तरीके से प्रभावित हुई थी. इन जटिल परिस्थितियों में सरकार की इनकम कम हो गयी थी और खर्च बड़ गया था. जिसकी वजह से इंदिरा गांधी की सरकार ने ब्लैक बजट का फैसला किया था,ब्लैक बजट में सरकार ने सामान्य बीमा कंपनियों, भारतीय कॉपर कॉरपोरेशन और कोल माइन्स के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की थी.सरकार ने इसके लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था.

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