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Monday, February 6, 2023
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Kharmas 2022-23: धनु राशि वाले हो जाये सतर्क आपकी राशि में प्रवेश होने वाला है खरमास, जाने क्या है यह और कैसे बचे

Kharmas 2022-23: धनु राशि वाले हो जाये सतर्क आपकी राशि में प्रवेश होने वाला है खरमास, जाने क्या है यह और कैसे बचे, साल के आखिरी माह में सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करेंगे। जिसे धनु संक्रांति भी कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि सूर्य के धनु राशि मे प्रवेश से मलमास का प्रारम्भ होगा जो कि 14 जनवरी मकर संक्रांति तक रहेगा। धनु संक्रांति आते ही अगले 30 दिन के लिए विवाह, मुंडन, सगाई और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा।

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Kharmas 2022-23

खरमास के समय में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में सूर्य देव का प्रभाव कम होता है, इसलिए शुभ कार्य नहीं करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे एक वर्ष में दो बार ऐसा मौका आता है, जब मालमास लगता है। एक मालमास मध्य मार्च से मध्य अप्रैल के बीच और दूसरा खरमास मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी तक होता है। खममास की शुरुआत 16 दिसंबर 2022 से होने जा रही है. खरमास शुरू होने के बाद अगले 30 दिनों तक मांगलिक कार्यों पर रोक लगाई जाती है. खरमास तब लगता है जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं इसलिए इसे धनु खरमास भी कहा जाता है

खरमास प्रारंभ समय 2022-23 (Kharmas Start Time 2022-23)

पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन से लेकर मकर राशि में प्रारंभ करने तक का समय खरमास होता है. इस साल खरमास का प्रारंभ 16 दिसंबर दिन शुक्रवार से हो रहा है. इस दिन सूर्य की धनु संक्रांति का क्षण सुबह 10 बजकर 11 मिनट पर है. ऐसे में आपको काई भी मांगलिक कार्य करना है तो उसे 15 दिसंबर तक मुहूर्त देखकर कर लें.

खरमास समापन समय 2022-23 (Kharmas Completion Time 2022-23)

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16 दिसंबर से प्रारंभ हो रहे खरमास का समापन नए साल 2023 के पहले माह जनवरी में होगा. पंचांग के आधार पर जब सूर्य का धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश होगा तो वह सूर्य की मकर संक्रांति होगी. मकर के प्रारंभ होते ही खरमास का समापन हो जाता है.

14 जनवरी दिन रविवार को रात 08 बजकर 57 मिनट पर मकर संक्रांति का क्षण है. इस समय पर खरमास का समापन हो जाएगा. मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने के बाद सूर्य पूजा करते हैं. इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं.

क्यों बंद होते हैं शुभ कार्य (Why do auspicious works stop)

ज्योतिषियों की मानें तो गुरु देव बृहस्पति धनु राशि के स्वामी हैं। सूर्य का बृहस्पति की राशि में प्रवेश इंसान के लिए अच्छा नहीं होता है। ऐसा होने पर लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर पड़ जाता है. इस राशि में सूर्य के कमजोर होने कारण इसे मलमास कहते हैं।ऐसा कहा जाता है कि मलमास में सूर्य का स्वभाव उग्र हो जाता है. सूर्य के कमजोर स्थिति में होने की वजह से इस महीने शुभ कार्यों पर पाबंदी लग जाती है।

मलमास में खर खींचते हैं सूर्य देव का रथ (Khar pulls the chariot of Sun God in Malamas)

पौराणिक कथा के अनुसार, मलमास के समय में सूर्य देव के भ्रमण की गति धीमी हो जाती है। सूर्य देव के रथ के घोड़े आराम करते हैं और उनके रथ को खर खींचते हैं। इस बदलाव की वजह से इस माह को मलमास कहा जाता है।

खरमास या मलमास में नहीं करने चाहिए ये काम (This work should not be done in Kharmas or Malmas)

  • खरमास में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस समय अगर विवाह किया जाए तो भावनात्मक और शारीरिक सुख दोनों नहीं मिलते हैं।
  • इस समय मकान का निर्माण या संपत्ति की खरीदारी वर्जित होती है। इस दौरान बनाए गए मकान आमतौर पर कमजोर होते हैं और उनसे निवास का सुख नहीं मिल पाता है।
  • खरमास में नया कार्य या व्यापार शुरू न करें। इससे व्यापार में शुभ फलों के प्राप्त होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
  • इस दौरान द्विरागमन, कर्णवेध और मुंडन जैसे कार्य भी वर्जित होते हैं, क्योंकि इस अवधि के किए गए कार्यों से रिश्तों के खराब होने की सम्भावना होती है।
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