मकर संक्रांति पर रवि योग बन रहा, करें भगवान सूर्य देव की आराधना, होगी अपार धन-वैभव की प्राप्ति

Pragya
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मकर संक्रांति पर रवि योग बन रहा, करें भगवान सूर्य देव की आराधना, होगी अपार धन-वैभव की प्राप्ति हिंदू धर्म में मकर संक्रांति को खास तरीके से मनाया जाता है। और इसे पूर्ण श्रद्धा के साथ पूरे देश भर में मनाया जाता है। खासतौर पर यह पर्व भगवान सूर्य देव को समर्पित है। क्योंकि इस दिन से सूर्य भगवान उत्तर दिशा की ओर उदय होना आरंभ कर देंगे। मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान का भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है।

इस बार यह मकर संक्रांति पौष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को 15 जनवरी 2024 के दिन मनाई जा रही है। ज्योतिष के आधार पर भी यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि ग्रहों के राजा सूर्य इस दिन मकर राशि में प्रवेश करते है। इसी के साथ इस बार की मकर संक्रांति को बहुत खास माना गया है। क्योंकि इस बार मकर संक्रांति रवि योग भी बन रहा है। इस दिन खास सूर्य देव की पूजा की जाती है।

शुभ योग में करे सूर्य नारायण की पूजा

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इस बार मनाई जाने वाली मकर संक्रांति पर बहुत ज्यादा खास है। क्योंकि यह पर्व विशेष रूप से भगवान भास्कर की आराधना के लिए होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। भगवान सूर्य देव के 12 नामों में से एक नाम रवि भी है जिनसे उनको जाना जाता है। 15 जनवरी 2024 दिन सोमवार को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर 8 बजकर 7 मिनट तक के लिए रवि योग रहेगा। इस योग की अवधि कुल 52 मिनट की ही होती है। ऐसे में जो लोग इस योग में भगवान सूर्य नारायण का विधि पूर्वक पूजा-पाठ करते है। उन पर सूर्य देव की असीम कृपा बनी रहती है।

मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा इस तरह से करे

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  • मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठ जाइए। इस दिन तीर्थ स्नान का बहुत बड़ा महत्व मन गया है। मकर संक्रांति वाले दिन किसी तीर्थ नदी में जाकर अवश्य स्नान करना चाहिए। यदि तीर्थ स्नान नहीं
    कर सकते हैं। तो नहाने के पानी में गंगाजल जरूर डालकर जरुर स्नान करे।
  • स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कीजिये। और रवि योग में सूर्य भगवान को तांबे के लोटे से अर्घ्य दीजिये। अर्घ्य देने से पहले तांबे के लोटे में जल डालें, उसमें अक्षत, लाल कुमकुम, कनेर का पीला फूल और
    काला तिल आदि दाल लीजिये। इस तरह से नियम पूर्वक सूर्य देव का अर्घ्य तैयार करने के बाद उनके सम्मुख खड़े होकर उन्हें अर्घ्य समर्पित कीजिये।

-अर्घ्य देने का मंत्र इस प्रकार से – ओम् घृणि सूर्याय नम:। अर्घ्य देते समय आप सूर्य देव के इस विशेष मंत्र का जाप करना अच्छा रहेगा।

  • इसके बाद धूप जलाकर आप भगवान सूर्य देव की आरती कीजिये। उनसे हाथ जोड़ कर प्रार्थना कर सकते है। कि वह आपको जीवन में सफल होने का आशीर्वाद दे।
  • सूर्य देव की आरती करने के बाद वहीं प खड़े होकर हाथ जोड़े हुए उनकी 3 बार परिक्रमा कर लीजिये।
  • इसके बाद आप तीन बार आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना है। जो सूर्य देव का सबसे फलदायक पथ होता है।
  • मकर संक्रांति वाले दिन इस विध से सूर्द देव की आराधना करने के बाद श्रद्धानुसार काला तिल, गेहु, गुड़ इत्यादि वस्तुओं का दान लाभकारी होता है। ऐसा करने से सूर्य देव आपकी सभी मनोकामनाओं को
    पूरा करेंगे।
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