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Monday, February 6, 2023
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पाकिस्तान के मशहूर मौलाना ने करतारपुर गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने के बाद किया ऐसा की मचा वबाल

Desh Videsh News: पाकिस्तान के मशहूर मौलाना ने करतारपुर गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने के बाद किया ऐसा की मचा वबाल ,पाकिस्तान के महशूर मौलाना तारिक जमील के करतारपुर कॉरिडोर में गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने को लेकर बवाल मच गया है. मुस्लिमों के बड़े धार्मिक गुरु कहे जाने वाले तारिक जमील के गुरुद्वारे जाने पर सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं बल्कि तालिबान से जुड़े कई लोग भी इसे गलत बता रहे हैं |

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शनिवार को मौलाना तारिक जमील धार्मिक विद्वानों के साथ करतारपुर साहिब पहुंचे थे. जहां गुरुद्वारा दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी सरदार गोबिंद सिंह, पंजाब में विधायक सरदार रमेश सिंह अरोड़ समेत कई लोगों ने उनका स्वागत किया था.

करतारपुर पहुंचने के बाद मौलाना तारिक जमील ने कहा कि बाबा गुरु नानक इंसानियत और भाईचारे के समर्थक थे. गुरुद्वारे पहुंचे मौलाना तारिक जमील को प्रशासन की ओर से सरोपा और कृपाण भी भेंटस्वरूप दी गई.

तारिक जमील ने बताया शांति का कॉरिडोर

इसके साथ ही मौलाना तारिक जमील ने गुरुद्वारे पहुंचे सिख श्रद्धालुओं से बात की. वहीं मौलाना तारिक जमील ने कहा कि करतारपुर शांति का कॉरिडोर है. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वर्ग पूरी तरह से धार्मिक आजादी का आनंद ले रहा है.

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मौलाना तारिक जमील ने अपनी यात्रा को लेकर ट्विटर पर भी जानकारी दी. मौलाना ने कहा कि, मैं करतापुर कॉरिडोर गया, जहां मैंने स्थानीय और विदेशी श्रद्धालुओं से मुलाकात की.

हालांकि, दुनियाभर में मशहूर मौलाना तारिक की करतारपुर कॉरिडोर की यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर काफी लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. इन लोगों में पाकिस्तानियों के साथ-साथ कुछ तालिबानी भी शामिल हैं. कई लोगों ने मौलाना तारिक जमील के गुरुद्वारे जाने को शर्मनाक भी बताया है.

सोशल मीडिया पर क्या बोल रहे पाकिस्तानी?

तारिक जमील के गुरुद्वारे जाने को लेकर एक यूजर ने कहा कि सूफियों की दरगाह पर जाना भी तारिक जमील गलत बताते हैं, लेकिन अब खुद गुरु नानक की कब्र पर करतारपुर पहुंचे हैं जो नास्तिकों में से एक हैं. क्या यह शिर्क नहीं है. वहीं, एक यूजर ने लिखा, आपने काफिरों के धार्मिक स्थल का दौरा किया और उन्हीं की वेशभूषा धारण की जबकि आप हमेशा एक ईश्वर में यकीन करते आए हैं और अल्लाह की इबादत सिखाते रहे हैं

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