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Thursday, February 2, 2023
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पीएचडी और नेट के बिना भी बन सकते हैं आप प्रोफेसर, क्या है यूजीसी के नियम,पढ़िए पूरी जानकारी

यूजीसी ने प्रोफेसर भर्ती को लेकर नए नियम बनाए हैं। इससे पहले, प्रोफेसर के पद के लिए औपचारिक पात्रता परीक्षा (नेट-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) या पीएचडी की डिग्री आवश्यक थी। अब यूजीसी ने प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस का नाम दिया है । इसके जरिए 10 फीसदी प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी। असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के माध्यम से भरा जाएगा। किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की नौकरी पाने के लिए किसी भी विषय में नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट)   परीक्षा या पीएचडी करना अनिवार्य है । लेकिन अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) प्रोफेसर भर्ती नियमों में बदलाव पर विचार कर रहा है। 

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पीओपी मॉडल कई जगहों पर लागू किया जा चुका है। 

नियमानुसार अब प्रोफेसर भर्ती के लिए किसी परीक्षा या डिग्री की जरूरत नहीं होगी। कुछ दिन पहले यूजीसी की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है। प्रोफेसर भर्ती के संबंध में अधिसूचना जल्द ही जारी होने की संभावना है। यूजीसी के नए नियमों के अनुसार प्रोफेसरों की भर्ती विज्ञान, इंजीनियरिंग, मीडिया, साहित्य, उद्यमिता, सामाजिक विज्ञान, ललित कला, सशस्त्र बलों और सिविल सेवा जैसे विषयों में की जाएगी। पीओपी मॉडल कई जगहों पर लागू किया जा चुका है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर्स ऑफ प्रैक्टिस (पीओपी) द्वारा प्रोफेसरों की भर्ती की गई है।

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टीचिंग का अनुभव है तो आप प्रोफेसर्स ऑफ प्रैक्टिस के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस (पीओपी) के लिए कम से कम 15 साल का कॉलेज शिक्षण अनुभव आवश्यक है। अगर आप किसी विषय को कई सालों से पढ़ा रहे हैं तो आप उसमें मास्टर माने जाएंगे। इसलिए अगर आपके पास कॉलेज में टीचिंग का अनुभव है तो आप प्रोफेसर्स ऑफ प्रैक्टिस के लिए आवेदन कर सकते हैं। पीओपी मॉडल हमारे आईआईटी जैसे संस्थानों में भी पहले से ही मौजूद है। आईआईटी दिल्ली, गुवाहाटी और चेन्नई में इसी मॉडल के अनुसार प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाती है। अब पीओपी मॉडल इंजीनियरिंग से लेकर अन्य विषयों में भी लागू होगा।

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