शिमला मिर्च की खेती से किसान कर सकते है तगड़ी कमाई, जाने इसकी उन्नत किस्मों के बारे में

Pragya
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शिमला मिर्च एक सब्जी होती है। जिसकी खेती कर किसान अच्छे खासे पैसे कमा सकता है। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ऐसे कई किसान हैं जो शिमला मिर्च की खेती से अच्छी कमाई कर रहे है। यहां के किसानों की पैदा की गई शिमला मिर्च दिल्ली से लेकर आगरा जाती है। इसकी खेती किसानों की आय बढ़ाने वाली है.

सामान्य सब्जियों की तरह इसकी खेती भी हर तरीके की जलवायु में की जा सकती है। अच्छी फलत के साथ किसानों को भरपूर आय भी मिल जाती है। काफी समय से परती पड़े एक हेक्टेयर खेत में गोबर की खाद डालने के बाद में उसकी जुताई करते है फिर उसके बाद पाटा लगाकर खरपतवार को बाहर निकाल कर खरपतवार और बैक्टीरिया नाशक दवाओं का छिड़काव किया जाता है। और शिमला मिर्च की खेती की जाती है।

शिमला मिर्च की उन्नत किस्में

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इन्द्रा शिमला मिर्च की इस किस्म के पौधे मध्यम ऊंचाई के होते हैं. भारत इस किस्म को इंडो अमेरिकन हाईब्रिड सीड कंपनी द्वार विकसित किया गया है। बॉम्बे (रेड) यह जल्दी पकने वाली किस्म होती है। पूसा दीप्ती , सोलन भरपूर यह सभी शिमला मिर्च की किस्म है।

इस खेती के लिए तापमान

खेत में क्यारियां बनाने के बाद शिमला मिर्च की तैयार पौध को उचित दूरी पर रोप दिया जाता है। समय-समय पर सही खाद पानी और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाता है। शिमला मिर्च की खेती के लिए जमीन का पीएच मान 6 होना जरुरी होता है। शिमला मिर्च का पौधा 40 डिग्री तक का तापमान आसानी से सहे सकता है। करीब रोपाई के 75 दिन बाद पौधा पैदावार देना शुरू कर देता है। एक हेक्टेयर में करीब 300 क्विंटल शिमला मिर्च की पैदावार की जा सकती है।

कितनी होगी पैदावार

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पौधों के पत्तों में छिद्र दिखाई पड़ने पर वह सल्फर का उचित मात्रा में पेड़ों पर छिड़काव किया जाता है। फसल को ज्यादातर मोजेक रोग, उकठा रोग और तना छेदक जैसी फफूंद कीट नुकसान पचुचा देते है। समय से देखरेख करने से पौधों अच्छे रहते है। वैसे तो वह करीब 300 क्विंटल फसल लेने की तैयारी में होते है। मौसम सही रहा तो यह 500 क्विंटल तक भी जा सकते है।

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