spot_img
Sunday, January 29, 2023
spot_img
Homeबिज़नेसगेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ...

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे में

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे में,गेहूं की Shree Ram 303 किस्म बंजर जमीन पर भी देगी बम्पर उत्पादन इस विधि से करे इसकी खेती Shree Ram 303 Wheat Variety इस किस्म की खासियत है की ये बंजर जमीन पर भी देगी 30 क्विंटल और अच्छी मिट्टी में 75-80 क्विंटल गेंहू की श्री राम 303 वैरायटी मध्यप्रदेश के किसानों के लिए खासतौर से विकसित की गई है। इस किस्म के उपयोग से किसान भाई अच्छा मुनाफा कमा रहे है। मध्य प्रदेश के किसानों ने श्रीराम सुपर 252 और श्रीराम सुपर 303 गेहूँ बीज की उत्पादकता पर खुशी ज़ाहिर की है। तो आइए जानते है, श्री राम 303 वैरायटी (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) की विशेषताएं, उद्गम स्थान, पैदावार, फसल पकने की अवधि, किस्म का दाना व अन्य जानकारी..

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे में

image 101

गेंहू की श्री राम 303 वैरायटी इन क्षेत्रों के लिए उपर्युक्त
श्रीराम सुपर 252 और 303 गेहूँ बीज इनकी अनुकूलन क्षमता और उत्पादकता के चलते ये मध्य प्रदेश, पूर्वांचल, बिहार, उत्तराखण्ड एवं तराई क्षेत्रों में गेहूँ किसानों (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) की पहली पसंद बन गए हैं। श्रीराम सुपर 303 गेहूँ बीज के लॉन्च के बाद इन की लोकप्रियता बहुत अधिक बढ़ गई है और मध्य प्रदेश केविभिन्न क्षेत्रों के किसान गेहूँ की इन किस्मों (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) को खूब पसंद कर रहे हैं।

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे में

>

यह भी पढ़ें :- DAP-UREA के रेट हुए कम जानिए सब्सिडी और बिना सब्सिडी क्या है खाद के रेट ?किसानों के लिए है खुशखबरी

image 99

श्री राम 303 गेंहू वैरायटी की जानकारी
प्रदेश के किसानों के लिए गेहूं की श्री राम 303 वैरायटी (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) कंपनी द्वारा विकसित की गयी है। श्रीराम फार्म सोल्यूशन्स ने किसानों की फसल उत्पादकता बढ़ाने में मदद करने के लिए ये आधुनिक उत्पाद विकसित किए हैं।

श्रीराम फ़र्टिलाइज़र्स एण्ड कैमिकल्स के विश्व-विख्यात वैज्ञानिकों ने इन किस्मों को (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) विकसित किया। इस गेहूं का दाना अन्य गेहूं की अपेक्षा लम्बा रहता है। इसके पौधों में कल्लो की संख्या अधिक होती है जिसकी वजह से श्री राम 303 वैरायटी में अधिक उत्पादन मिलता है।

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे

मेंश्री राम 303 किस्म की विशेषताएं – श्रीराम सुपर 303 गेहूँ की किस्म (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) कम अवधि में भरपूर उत्पादन देने के साथ बीमारियों के प्रति भी सहनशील हे।

पौधे में बालि आने की अवधि – इस किस्म के पौधे में बुवाई के 70 से 80 दिन के बाद बालि आ जाती है।

किस्म का दाना – श्रीराम सुपर 303 गेहूँ किस्म के दाने मोटे, चमकदार और ज्यादा वजन के कारण बाजार भाव भी अधिक मिलता हे।

फसल पकने की अवधि – यह गेहूं 110 दिन में पककर तैयार हो जाती है।

उत्पादन क्षमता – इसके पौधे में कल्लो की मात्रा अधिक होने के कारण इसका उत्पादन (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) प्रति हेक्टेयर 75 क्विंटल तक है।

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे में

गेहूं की इन 5 भरपूर पैदावार देने वाली किस्मों के विषय में भी जानिए

image 100

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल (IIWBR) की मानें तो गेहूं की ये पांच किस्में (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) सबसे नई हैं और इनसे उत्पादन भी बंपर होता है।

  1. करण नरेन्द्र (Karan Narendra)‌ :– ये गेहूं की नवीनतम किस्मों में से एक है. इसे डीबीडब्ल्यू 222 (DBW-222) भी कहते हैं. गेहूं की ये किस्म बाजार में वर्ष 2019 में आई थी और 25 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच इसकी बोवनी कर सकते हैं. इसकी रोटी की गुणवत्ता अच्छी मानी और जाती है. दूसरी किस्मों के लिए जहां 5 से 6 बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है, इसमें 4 सिंचाई की ही जरूरत पड़ती है. ये किस्म 143 दिनों में काटने लायक हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 65.1 से 82.1 क्विंटल तक (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) पैदावार होती है।
  2. करन वंदना (Karan Vandana) : – इस किस्म की सबसे खास बात ये होती है कि इसमें पीला रतुआ और ब्लास्ट जैसी बीमारियां लगने की संभावना बहुत कम होती है. इस किस्म को डीबीडब्ल्यू-187 (DBW-187) भी कहा जाता है. गेहूं की ये किस्म गंगा तटीय क्षेत्रों के लिए अच्छी मानी जाती है. फसल लगभग 120 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. इस किस्म से प्रति हेक्टेयर लगभग 75 क्विंटल गेहूं पैदा होता है।
  3. पूसा यशस्वी (Pusa yashasvi) : – गेहूं की इस किस्म खेती कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के लिए सबसे सही मानी जाती है. यह फफूंदी और गलन रोग प्रतिरोधक होती है. इसकी बुवाई का सही समय 5 नवंबर से 25 नवंबर तक सही मानी जाती है. इस किस्म (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) से प्रति हेक्टेयर 57.5 से 79. 60 क्विंटल तक पैदावार होती है।
  4. करण श्रिया (Karan Shriya) : – गेहूं की ये किस्म जून 2021 में आई थी. इसकी खेती के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य ठीक माने जा रहे हैं.लगभग 127 दिनों में पकने वाली किस्म को मात्र एक सिंचाई की जरूरत पड़ती है. प्रति हेक्टेयर अधिकतम पैदावार 55 क्विंटल है।

5.करण श्रिया (Karan Shriya) : – गेहूं की इस किस्म (Shree Ram 303 Wheat Variety Detail) में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा (12.69%) होती है. इसके पौधे कई तरह के रोगों से लड़ने में सक्षम होते हैं. कीट और रोगों से खुद की सुरक्षा करने में सक्षम. प्रति हेक्टेयर उत्पादन लगभग 74 क्विंटल।

गेंहू की Shree Ram 303 किस्म की खासियत बंजर जमीन के साथ-साथ अच्छी मिट्टी में मिलेगा बंफर उत्पादन,जाने उन्नत किस्म के बारे में

>
RELATED ARTICLES

Most Popular